Indian Railways New Logo : रेलवे का लोगो बदलने की तैयारी, 1 जून से नया लोगा होगा लागू
भारतीय रेल के नए लोगो को रेलवे द्वारा तैयार कर लिया है। 1 जनू से नया लोगो जगह ले लेगा। यह लोगो लाल रंग का होगा और इसमें 18 सितारे बने होंगे। जानिए क्यों खास है नया लोगो, इसके पीछे का राज
Indian Railways New Logo : रेलवे द्वारा पिछले लंबे समय से कई बदलाव किए जा रहे हैं। नई रेल गाड़ियों के साथ-साथ स्टेशनों को भी विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है। पिछले दिनों रेलवे द्वारा फैसला लिया गया था कि अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे चिन्हों को भी बदला जाएगा।
क्योंकि यह गुलामी के प्रतीक बन गए हैं। इसके तहत ही अब रेलवे ने अपना लोगो भी बदल लिया है। हालांकि अभी यह लागू नहीं हुआ है, लेकिन अगले महीने यानी 1 जून से रेल गाड़ियों और तमाम जगहों पर भी रेलवे का यह नया लोग दिखने लगेगा।
इसको लेकर रेलवे द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। पहले अब तक रेलवे के लोगो का रंग नीला है और इसमें 17 सितारे बने हुए हैं। वहीं अब इसकी जगह पर नया लोगो लाल रंग का होगा और इसमें 18 सितारे बने होंगे। रेलवे की अधिसूचना में कहा गया है कि इस नए लोगों को स्वीकार कर लिया गया है।
क्या है लोगो में सितारों का महत्व
दरअसल रेलवे में 17 जोन प्रचलन में रहे हैं। इसके आधार पर ही रेलवे के लोगो में 17 सितारे अंकित रहते थे। अब भारतीय रेल में नया जोन भी जुड़ चुका है। दक्षिण तट रेलवे नया जोन बनने के बाद अब भारतीय रेल के 18 जोन बन गए हैं। इससे सितारों की संख्या भी 18 हो जाएगी। गौरतलब है कि दक्षिण तट रेलवे भी 1 जून 2026 से अपने नए जोन के रूप में परिचालन शुरू करने वाला है।
1 जून से पहले नए लोगो का प्रयोग जरूरी
नए बदलाव को लेकर भारतीय रेलवे द्वारा अपने सभी जोन के साथ-साथ सभी उत्पादन इकाइयों और प्रशिक्षण संस्थानों को इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत सभी जगह 1 जून से नए लोगो का उपयोग किया जाना जरूरी है इतना ही नहीं रेलवे के प्रकाशनों, पत्राचार, स्टेशनरी, सभी साइनबोर्ड, सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ-साथ प्रचार सामग्री जैसे सभी स्थानों पर नया लोगो प्रयोग किया जाना है।
मजबूत होगी रेलवे की ब्रांडिंग
वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रेलवे की ब्रांडिंग पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। रेलवे के बोर्ड के एक पूर्व सदस्य ने बताया कि इसके लिए लंबे समय से तैयारी चल रही थी। अब यह नया लोगो लागू हो रहा था। रेलवे में हो रहे बदलावों में स्वदेशी का प्रभाव बढ़ रहा है। यह देश और रेल के लिए बहुत ही अच्छा है। रेलवे द्वारा बनाया गया नया जो तटीय रेलवे के विकास में खास भूमिका निभाएगा।
लंबे समय चल रही है प्रक्रिया
भारतीय रेलवे में पुराने समय चली आ रही प्रथाओं और तकनीक को बदलने की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। इससे पहले रेलवे में चदर से लेकर कंबल तक को बदला गया था। ट्रेन में मिलने वाले खाने को लेकर भी खास व्यवस्था हुई है। अलग-अलग ट्रेन में भारत के विभिन्न क्षेत्रीय पारंपरिक भोजन को परोसने की व्यवस्था है। एक स्टेशन एक उत्पाद जैसे बदलाव स्वदेशीकरण को बढ़ावा दे रहे हैं। इसके साथ ही अब भारतीय रेल के लोगो को भी स्वदेशी पहचान मिल जाएगी।
पहचान के साथ नया विस्तार
जैसे-जैसे भारतीय रेल का विस्तार बढ़ रहा है, वैसे ही पहचान भी बहुत ही खास होती जा रही है। इसके तहत ही अब नया लोगो और इससे पहले विभिन्न स्थानों पर लगे अंग्रेजों के जमाने के प्रतीक चिन्हों को बदला जा चुका है। यहां तक की रेलवे के कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्रेस को लेकर भी नई व्यवस्था बन चुकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में भारतीय रेलवे का स्वरूप बदला हुआ नजर आएगा।
यह भी पढ़ें : रेलवे से हटेगी अंग्रेजों के जमाने की छाप, स्वदेशी होगा पहवाना, ब्रिटिश काल के चिन्ह भी हटेंगे










