Railway news : वंदे भारत से राजधानी तक बड़ा बदलाव, रनिंग स्टाफ को अब मिलेगा हाई-स्पीड भत्ता

हरियाणा डायरी न्यूज नेटवर्क।
Railway news : इंडियन रेलवे ने देशभर के रनिंग स्टाफ को बड़ी राहत देते हुए 88 प्रमुख ट्रेनों को “हाई-स्पीड” श्रेणी में शामिल किया है। रेलवे के इस फैसले से अब इन ट्रेनों में ड्यूटी करने वाले लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड) और अन्य रनिंग स्टाफ को अधिक ट्रिप अलाउंस और अतिरिक्त वित्तीय लाभ मिलेंगे।

रेलवे बोर्ड के इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों की आय में सीधा इजाफा होने वाला है। बोर्ड द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन ट्रेनों की औसत स्पीड निर्धारित मानकों से अधिक है, उन्हें हाई-स्पीड कैटेगरी में रखा गया है। इसके तहत वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी, तेजस, हमसफर, जनशताब्दी और कई सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनों को नई सूची में शामिल किया गया है।

Railway news : इन प्रमुख ट्रेनों को मिला हाई-स्पीड दर्जा

  • नई दिल्ली-जम्मू तवी राजधानी
  • नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी
  • नई दिल्ली-अमृतसर शताब्दी
  • पटना-हावड़ा जनशताब्दी
  • पुणे-सिकंदराबाद शताब्दी
  • चेन्नई-बेंगलुरु शताब्दी
  • तिरुवनंतपुरम-नई दिल्ली राजधानी
  • प्रयागराज एक्सप्रेस
  • शिवगंगा सुपरफास्ट एक्सप्रेस
  • आनंद विहार-गोरखपुर हमसफर एक्सप्रेस सहित कई अन्य ट्रेनें शामिल हैं।

Railway news : इन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

  • लोको पायलट
  • असिस्टेंट लोको पायलट
  • ट्रेन मैनेजर (गार्ड)
  • अन्य रनिंग कैटेगरी कर्मचारी

अब इन्हें हाई-स्पीड ट्रेनों के संचालन के हिसाब से ज्यादा रनिंग अलाउंस और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इससे कर्मचारियों की जिम्मेदारी और कार्यक्षमता के अनुरूप आर्थिक लाभ सुनिश्चित होगा।

रेलवे बोर्ड ने बताया कि ट्रेनों की स्पीड, परिचालन क्षमता और तकनीकी मानकों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है। पिछले कई वर्षों से रनिंग स्टाफ संगठन हाई-स्पीड कैटेगरी की मांग कर रहे थे। अब नई सूची जारी होने से कर्मचारियों में खुशी का माहौल है।

Railway news : कर्मचारियों की आय में होगा बड़ा बदलाव

रेलवे कर्मचारियों के संगठनों का कहना है कि इस फैसले से रनिंग स्टाफ की मासिक आय में हजारों रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। खासतौर पर उन कर्मचारियों को बड़ा फायदा होगा जो लगातार हाई-स्पीड ट्रेनों में ड्यूटी करते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला सिर्फ कर्मचारियों के हित तक सीमित नहीं है, बल्कि रेलवे के तेज और आधुनिक संचालन मॉडल को भी मजबूत करेगा। हाई-स्पीड श्रेणी में शामिल ट्रेनों की मॉनिटरिंग, संचालन और सुरक्षा मानकों को भी और बेहतर बनाया जाएगा।

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