Weather Update : राजस्थान में ओलावृष्टि से हरियाणा में हीटवेव का असर समाप्त, अब सक्रिय हो रहे 2 पश्चिमी विक्षोभ
लगतार बदल रहा मौसम, 6 जून तक रहेगी गर्मी से राहत
Weather Update : एक ओर जहां दक्षिण भारत में मानसून की सक्रियता बढ़ रही है, वहीं उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ ने भीषण गर्मी और हीटवेव की स्थिति से राहत दिलवाई है। 1 जून यानी सोमवार की बात करें तो राजस्थान में बारिश के साथ ओले भी गिरे। इससे पूरे क्षेत्र में तापमान काफी नीचे आया है। हरियाणा के भी कई जिलों में इसका प्रभाव देखा गया है।
दरअसल हरियाणा में 28 मई से ही मौसम परिवर्तनशील है। ऐसे में 29 मई को कई क्षेत्रों में बारिश हुई। इसके बाद फिर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं। हालांकि आज 1 जून के लिए भी राजस्थान के साथ हरियाणा के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना थी, लेकिन राजस्थान में जमकर मेघा बरसे।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान हुए तर
हालांकि हरियाणा में मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार दिन भर बारिश नहीं हुई, लेकिन साथ लगते राज्य राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अच्छी वर्षा हुई है। इसके कारण सोमवार को तापमान भी नियंत्रित रहा। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान के 6 जिले में बारिश हुई और इसके अलावा चित्तौड़गढ़, नागौर और अजमेर में ओलावृष्टि होने से मौसम काफी सामान्य हो गया है।
हालांकि राजस्थान के जैसलमेर में रेलीता तूफान लोगों के लिए आफत बना। राजस्थान के साथ लगते मध्यप्रदेश में भी कुछ क्षेत्रों में आंधी और तूफान की स्थिति रही। वहीं उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में जोरदार बारिश हुई। बेशक आज 1 जून के लिए मौसम विभाग ने इन सभी क्षेत्रों के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब, झारखंड, छत्तीसगढ़ में भी वर्षा की चेतावनी जारी की है।
उत्तरखंड में पर्यटकों को हुई परेशानी
वहीं छुट्टियों में उत्तराखंड घूमने गए पर्यटकों को भी परेशानी हुई क्योंकि उत्तराखंड के 6 जिलों में जोरदार बारिश हुई है। इसके कारण सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन द्वारा केदारनाथ यात्रा को भी अस्थाई रूप से रोकना पड़ा है। भिवानी ने उत्तराखंड घूमने गए शिव कुमार ने बताया कि दिन भर वे बाहर नहीं निकल पाए। बारिश के कारण पूरा दिन होटल में ही बिताना पड़ा।
हरियाणा में कैसा रहेगा मौसम
वहीं आगामी सप्ताह में हरियाणा में भी मौसम परिवर्तनशील रहेगा। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डा. एमएल खीचड़ के अनुसार 6 जून तक मौसम में लगातार बदलाव रहेंगे।
क्योंकि इस दौरान 2 पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव रहेगा। इस दौरान प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती है। अधिकतर क्षेत्र में आंशिक बादलवाई रहेगी और नमी वाली हवाएं गर्मी से राहत देंगी।
2 जून को पहला पश्चिमी विक्षोभ
डा. एमएल खीचड़ के अनुसार पहला पश्चिमी विक्षोभ 2 जून को प्रभावी रहेगा। इसके बाद 4 जून को फिर से पिश्चमी विक्षोभ पहाड़ों की ओर बढ़ेगा। ऐसे में पंजाब के ऊपर साइक्लोनिक सरकुलेशन बन सकता है। इसके कारण 2 से 6 जून हरियाणा के कई हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।
मानसून को लेकर भी खुशखबरी
दूसरी ओर इस बार मानसून को लेकर मौसम वैज्ञानिक काफी चिंता जता रहे हैं। ऐसे में खबर यह है कि मानसून अगले 3 तीन में यानी 4 जून तक केरल पहुंच जाएगा। इस बार मानसून कमजाेर रहने की संभावना है। इसके बावजूद भारतीय मौसम विभाग IMD का कहना है कि इसका प्रभाव जून महीने में ही शुरू हो जाएगा और सितंबर तक सामान्य से कम बारिश होने की आंशका है। हालांकि इसका अधिक असर उत्तर भारत के पंजाब व हरियाण क्षेत्रों में अधिक दिखेगा।
2 जून को हरियाणा सहित इन राज्यों में होगी बारिश
मौसम विभाग का कहना है कि 2 जून को देश के कई राज्यों में बारिश के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा भी चल सकती है। इस दौरान हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में तेज हवा चलने की संभावना है। 3 जून को भी मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा। हालांकि 3 जून को बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में तेज बारिश की आशंका है।










