Kajal Choudhary Braj Yatra : हरियाणा की बेटी बनी श्रवण कुमार बहू, सास को सिर पर उठा कर करवा रही 84 कोस की ब्रज यात्रा
सोनीपत की बेटी काजल चौधरी के फैसले की हर ओर हो रही सराहना, जमकर वायरल हो रही वीडियो व फोटो
Kajal Choudhary Braj Yatra : आज के दौर में जहां हमेशा सास-बहू के बीच तलवारें खिंची रहती हैं, वहीं हरियाणा के सोनीपत निवासी काजल चौधरी ने इस रिश्ते को नया रूप दे दिया है। इसके कारण आज काजल को श्रवण कुमार बहू के नाम से पुकारा जा रहा है।
काजल चौधरी मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली है और राजस्थान में शादीशुदा है। यूं तो काजल चौधरी अपनी हरियाणवी गायकी के लिए काफी प्रसिद्ध हैं, लेकिन आज कल उनको श्रवण कुमार बहू के रूप में नई पहचान मिल रही है। क्योंकि वे अपनी सास को सिर पर उठा कर 84 कोस की ब्रज यात्रा करवा रही हैं।
रातों रात वायल हो गई काजल
दरअसल फिलहाल ब्रज यात्रा चल रही है। इसी दौरान काजल को लोगों ने अपनी सास को सिर पर उठा कर परिक्रमा करते देखा तो सभी हैरान हो गए। ऐसे में काजल चौधरी की वीडियो बनी और रातों रात वे सोशल मीडिया पर वायल हो गई। हर कोई जो भी काजल द्वारा अपनी सास को सिर पर उठा कर बृज यात्रा करवाने की बात सुन रहा है, काजल की तारीफ ही कर रहा है।
काजल के संस्कारों ने छू लिया लोगों को दिल
काजल की वीडियो विभिन्न प्लेटफार्म पर चल रही है, ऐसे में इनको देख कर लाग बहुत ही अधिक मार्मिक और उत्साहवर्धक कॉमेंट कर रहे हैं। एक जगह तो प्रीत सिंह नाम के एक यूजर ने लिखा है, ऐसी बहुत को उनका प्रणाम। वहीं प्रदीप कुमार नाम एक यूजर ने लिखा है कि कलयुग में भी सतयुग की फील दिला दी काजल ने। लोगों ने काजल द्वारा अपनी सास को सिर पर उठा कर करवाई जा रही बृज यात्रा की दिख खोल कर तारीफ की है।
90 वर्षीय सास की इच्छा पूरी करने के लिए टब को बना लिया पालकी
दरअसल काजल की सास 90 साल की हैं। उनकी इच्छा थी कि वे ब्रज यात्रा करें, लेकिन शरीर साथ नहीं दे रहा था। हालांकि इसके लिए व्हील चेयर और अन्य विकल्पों पर भी बात हुई, लेकिन काजल ने फैसला किया कि वे टब में अपनी सास को बैठा कर अपने सिर पर उठा कर ही यात्रा करवाएंगी। यह यात्रा करते हुए काजल बहुत ही खुश हैं। साथ ही साथ में यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं से भी काजल को हौसला मिल रहा है।
सास ने दिया बेटी जैसा प्यार
काजल का कहना है कि उनकी सास ने हमेशा ही उसे बेटी जैसा प्यार दिया है। हालांकि अब उसकी पिछले कई सालों से चल-फिर नहीं सकती हैं। वे ब्रज यात्रा करना चाहती थी। काजल का कहना है कि उनके जीवन में सास की भूमिका बहुत ही अहम रही है। उन्होंने बेटी की तरह रखा है तो अब मां की तरह ही उनकी सेवा भी की जा रही है।
देशी विदेशी यात्री हर कोई हैरान
इस यात्रा में जो भी काजल चौधरी को इस रूप में देख रहा है, वही भाव विभोर हो रहा है। हालांकि इस यात्रा में काफी विदेशी लोग भी पहुंच रहे हैं। ऐसे में हर कोई काजल के इस साहस को देख कर हैरान हो रहा है। इतना ही नहीं लोग ऐसी बहू के पैर तक छू रहे हैं। वहीं यात्रा में चल रहे साधु भी काजल चौधरी की प्रशंसा करते नहीं थक रहे।
क्यों विशेष है बृज यात्रा
दरअसल ब्रज यात्रा करीब 252 किलोमीटर (84 कोस) की होती है। यह यात्रा भगवान श्रीकृष्ण की लीला-भूमि यानी ब्रजमंडल में पैदल की जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस यात्रा के करने से आध्यात्मिक शुद्धि तो होती ही है, साथ ही मोक्ष प्राप्ति भी होती है। यानी हिंदू धर्म के अनुसार इससे जन्म-मृत्यु के 84 लाख योनियों के चक्र से भी मुक्ति
मिल जाती है।
3 राज्यों से होकर गुजरती है यात्रा
यह यात्रा 3 राज्यों हरियाण, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के 1300 गांवों से होकर गुजरती है। यह यात्रा करीब 40 दिन में पूरी होती है। हालांकि कुछ लोगों को 2 महीने का समय भी लग जाता है। इस यात्रा में उत्तर प्रदेश के मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना, नंदगांव और गोकुल जैसे मुख्य पड़ाव रहते हैं। मान्यताओं के अनुसार यह यात्रा 12 मुख्य वन, 24 उपवन और 1100 से अधिक सरोवरों से होकर गुजरती है।










