Haryana news : 2016 से पहले के सारे जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र होंगे ऑनलाइन, अफसरों की आधार लिंकिंग होगी

हरियाणा डायरी, चंडीगढ़।
Haryana news : हरियाणा में अब जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल होने जा रही है। नए जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र तो डिजिटली जारी हो ही रहे हैं, पुराने प्रमाण पत्रों को भी ऑनलाइन किया जाएगा और इन जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्रों को जारी करने वाले अधिकारियों के आधार कार्ड साथ में लिंक होंगे।

सरकार के नए निर्णय के अनुसार अब नए जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अपने आधार कार्ड को पोर्टल से लिंक करना अनिवार्य होगा।

बता दें कि सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार साल 2016 से पहले के जन्म और मृत्यु रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप में लाने के लिए जिला रजिस्ट्रार की अनुमति आवश्यक होगी। संबंधित अधिकारी को ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से रिकॉर्ड अपलोड करना होगा। अनुमति मिलने के बाद ही पुराने दस्तावेजों को डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल किया जा सकेगा।

Haryana news : पुराने प्रमाणपत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा

यदि किसी व्यक्ति के जन्म या मृत्यु पंजीकरण में कोई गड़बड़ी है या रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, तो इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था की गई है। वर्ष 2016 से पहले के रिकॉर्ड को डिजिटाइज करने के लिए संबंधित पुराने दस्तावेजों को भी पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।

जिला रजिस्ट्रार आवेदन की जांच के बाद रिकॉर्ड को स्वीकृति देंगे। स्वीकृत होने पर संबंधित प्रमाणपत्र डिजिटल रूप में उपलब्ध हो जाएगा, जिसे नागरिक आसानी से डाउनलोड कर सकेंगे।

Haryana news : आधार लिंकिंग होगी अनिवार्य

सरकार की नई व्यवस्था के तहत जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने वाले अधिकारियों को अपने आधार नंबर को पोर्टल से जोड़ना होगा। सरकार का मानना है कि इससे रिकॉर्ड की पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े की संभावनाओं पर रोक लगेगी।

डिजिटलीकरण के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को भी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध होने से दस्तावेजों का सत्यापन और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और आसान हो जाएगी।

Haryana news : डिजिटलीकण का ये होगा फायदा

  • पुराने जन्म और मृत्यु रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे।
  • प्रमाणपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनेगी।
  • फर्जी प्रमाणपत्रों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
  • नागरिक घर बैठे ऑनलाइन आवेदन और डाउनलोड कर सकेंगे।
  • सरकारी रिकॉर्ड प्रबंधन अधिक व्यवस्थित होगा।

    जींद जिला रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) गौरव पूनिया ने बताया कि जन्म व मृत्यु पंजीकरण में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हो, इसके लिए केंद्र सरकार सीआरएस पोर्टल का डिजिटलाइजेशन करने जा रही है। 2016 से पहले के जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र को ऑनलाइन करने के लिए ऑनलाइन डेटा फीड के साथ पुराना रिकार्ड भी अपलोड किया जाएगा। इस दौरान संबंधित पंजीकरण अथॉरिटी को अपना आधार कार्ड देना अनिवार्य होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button