online land registry : हरियाणा में राजस्व विभाग ने बदला यह नियम
प्रापर्टी दस्तावेजों में पारदर्शिता लाने के लिए बनेगा FIFO सिस्टम
Revenue Department in Haryana : हरियाणा में राजस्व विभाग से जुड़ी दस्तावेज वैरिफिकेशन का काम अब आसान होने जा रहा है। इसके लिए विभाग द्वारा नया सिस्टम लागू किया जा रहा है। FIFO नाम से लागू होने वाले इस सिस्टम में लोगों को सीधे जमाबंदी देने की भी सुविधा मिलेगी।
हरियाणा में सरकार द्वारा भूमि की रजिस्ट्री के लिए पहले ही पेपर लेस व्यवस्था की गई है। इस सिस्टम में 92 प्रतिशत अप्रूवल रेट रहा है। जो कि शानदार प्रदर्शन को दिखाता है। इसको लेकर बड़े स्तर पर तैयारी की गई है। इसके तहत राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डा. सुमिता मिश्रा ने कहा प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ आनलाइन बैठक की।
इसमें वित्तायुक्त ने कहा कि कि प्रापर्टी दस्तावेजों में पारदर्शिता लाने के लिए दस्तावेज स्वीकृति के लिए फर्स्ट-इन फर्स्ट-आउट (FIFO) व्यवस्था शुरू की है। इस नई व्यवस्था से लोगों को व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से सेवाएं मिल देने का सिस्टम बनाया गया है।
online land registry : दस्तावेजों को मंजूरी देने के लिए निर्धरित सिस्टम
विभिन्न जिलों के उपायुक्तों के साथ हुई समीक्षा बैठक के बाद डा. सुमिता मिश्रा ने कहा कि एफआइएफओ प्रणाली नई व्यवस्था के तहत सीक्वेंशियल प्रोसेसिंग निर्धारित करने वाली व्यवस्था है। रजिस्ट्रार चीफ और सब-रजिस्ट्रार अब दस्तावेजों को सख्ती से सीक्वेंस में एक-एक करके मजूंरी दिया करेंगे। इस सिस्टम से यह गारंटी मिलेगी कि पहले सबमिट किए गए आवदेनों को अधिकारी द्वारा पहले सत्यापित किया जाएगा। ऐसे में किसी भी दस्तावेज को सत्यापन करने प्रक्रिया में न तो अनावश्यक देरी होगी और न ही किसी के साथ भी पक्षपात संभव हो पाएगा। यह प्रक्रिया लागू होने से इस कार्य में निश्चित रूप से पारदर्शिता आएगी।

online land registry : विभाग के काम में आएगी पारदर्शिता
वित्तायुक्त डा. मिश्रा के अनुसार FIFO सिस्टम निश्चित समय अवधी के अनुसार काम करेगा। ऐसे में दस्तावेजों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया में होने वाली देरी नहीं होगी। इससे विभाग में पारदर्शिता बढ़ेगी और विभाग को लेकर जो चिंताएं हैं, उनको भी दूर किया जा सकेगा। इस नए सिस्टम से लोगों को उनके आवदेन निश्चित प्रक्रिया व समय में पूरा होने का भरोसा मिल सकेगा। इसके साथ ही हर स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होगी।
ताकि कोई भी अधिकारी निर्धारित सिस्टम से बाहर जाकर इस प्रकार के कार नहीं कर सके। वहीं विभाग ने विभाग ने एक नया सिस्टम बनाने का भी फैसला लिया है। व्यू जमाबंदी नाम से यह पोर्टल शुरू होगा। इसे पोर्टल पर एक्टिवेट किया जाएगा। इससे नागरिकों को भूमि संबंधित रिकार्ड की प्रति अपलोड करने की ज़रूरत नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रणाली से जो भी चुनौतियों सामने आई हैं, नए सिस्टम से इनका समाधान होगा। लोग 400 से 500 पेज तक की जमाबंदी की फाइलें अब तक अपलोड कर रहे थे।
इस प्रक्रिया में सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर पर अनावश्यक दबाव बढ़ रहा था। इससे कीमती कंप्यूटिंग रिसोर्स खर्च हो रहे थे। नया सिस्टम अधिकारियों को रेवेन्यू डेटाबेस से सीधे रियल-टाइम, सही लैंड रिकार्ड एक्सेस करने में सहायक है। इससे पूरी एक्यूरेसी के साथ-साथ प्रोसेसिंग स्पीड में काफ़ी सुधार हो जाएगा।
साथ ही लोगों को भारी डाक्यूमेंट्स डाउनलोड करने और अपलोड करने जैसे अधिक बोझ वाले कार्य से राहत मिलेगी। जिन क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी कम है या इंटरनेट की सुविधा कम है, ऐसे क्षेत्रों के लोगों को भी इस नई सुविधा से खास लाभ होगा।
online land registry : 15,577 रजिस्ट्रियां मंजूर
आनलाइन बैठक के दौरान जिलों से मिले आंकड़ों के अनुसार अब तक राजस्व विभाग के समक्ष 16912 आवदेन भूमि रजिस्ट्रियों के लिए आए हैं। इनमें से 15577 रजिस्ट्री मंज़ूर हो चुकी हैं। यह आंकड़ा 92.1 प्रतिशत बनता है। जो की विभाग की शानदार कार्य प्रणाली को दिखाता है। ऐसे में नई व्यवस्था कर विभाग ने व्यवस्थित तरीके से सभी चुनौतियों का समाधान किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कोई भी सिस्टम को बिगाड़ने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।










