कहीं आपका स्वास्थ्य न बिगाड़ दे मिलावटी पनीर
पनीर खाने के शौकीन हैं तो जान लें यह बातें
त्योहारी व शादियों के सीजन में मिलावटी डेयरी उत्पादों का बाजार गर्म रहता है। मिलावटखौर अपने फायदे के लिए लालच में आकर आपके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। ऐसे में जरा सी सावधानी बरत करते मिलाटवी खाने की चीजों से बचा जा सकता है। आज हम बात करते हैं मिलावटी या नकली पनीर की। पनीर आज के खाने का मुख्य भाग है। विशेष मौकों पर बनने वाली सब्जियों से लेकर मिठाईयों, स्नेक्स व फास्ट फूड तक में जमकर पनीर का प्रयोग होता है। ऐसे में पता होना जरूरी है कि हम जो पनीर खा रहे हैं, वह असली या नकली।
मुख्य रूप से पनीर एक डेयरी उत्पाद है, लेकिन कुछ लोग एनलोग पनीर भी तैयार करते हैं। जैसा की नाम से ही साफ है कि डेयरी पनीर दूध से तैयार होता है और एनालोग पनीर दूध उत्पाद नहीं है। यह दूध पाउडर के साथ वनस्पति तेल को मिलाकर बनाया जाता है। ऐसे में एनालोग पनीर की गुणवत्ता डेयरी पनीर के मुकाबले बहुत हल्की होती है। इसमें मिलने वाले कुछ कारक आपके स्वास्थ्य को भी बिगाड़ सकते हैं। इसलिए सही पनीर का ज्ञान होना जरूरी है।
डेयरी पनीर को दूध से तैयार किया जाता है। वहीं एनालोग पनीर मिल्क पाउडर, वनस्पति तेल व वनस्पति आधारित अन्य सामग्री से तैयार होता है। दूध से बनने वाले डेयरी पनीर में नेचुरल प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं। डेयरी पानीर कई प्रकार के प्राकृतिक पौषक तत्वों का खजाना है। इसके विपरीत एनालोग पनीर सेहत पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। एनालोग पनीर में ट्रांस फैट होता है। यह मानव शरीर की पाचन क्रिया के लिए काफी खराब माना जाता है।
डेयरी पनीर
डेयरी पनीर को बनाने का मुख्य आधार ही दूध होता है। दूध को उचित तापमान पर गर्म कर इसको सिरका या नींबू जैसे खट्टे पदार्थ डालकर फाड़ा जाता है। इससे पानी अलग हो जाता है और रेशे अलग। यह रेशे ही पनीर बनते हैं। डेयरी पनीर में प्रोटीन, प्रोबायोटिक्स के साथ कई अन्य पौषक तत्व होते हैं। यह आंत के स्वास्थ्य के लिए बेहद पोष्टिक होता है। डेयरी पनीर प्राकृतिक रूप से पौष्टिक आहार है। हालांकि चख कर इसके स्वाद से ही इसे पहचाना जा सकता है।
एनालोग पनीर

एनालोग पनीर को बनाने के लिए डेयरी उत्पाद की जरूरत नहीं होती। इसमें वनस्पति तेल का प्रयोग होता है। ऐसे में सस्ते के चक्कर में लोग इसमें पाम तेल की भी मिलावट कर देते हैं। पाम तेल स्वास्थ्य के लिए बेहद खराब होता है। एनालोग पनीर में ट्रांस फैट होती है। यह फैट शरीर में पाचन क्रिया को प्रभावित करता है। यह डेयरी पनीर के मुकाबले काफी सस्ता होता है। इसलिए इसका प्रयोग मिलावटी पनीर के रूप में किया जाता है।
एनालोग पनीर बेचने के नियम
बेशक एनालोग पनीर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, लेकिन इसे बाजार में बेचा जा सकता है। नियम है कि विक्रेता को इस पर लिखना होता कि यह एनालोग पनीर है। सामान्यतौर पर मार्केट में मिलने वाले खुले पनीर पर इस प्रकार की सुविधा नहीं होती। ऐसे में आप पनीर लेने से पहले पूछ सकते हैं कि यह पनीर डेयरी उत्पाद है या एनालोग।
कई बीमारियों का कारण एनालोग पनीर
शुद्ध पनीर दूध से तैयार होता है, ऐसे में यह प्रोटीन व कैल्शियम जैसे तत्वों से भरपूर रहता है। इसके विपरित एनालोग पनीर में ऐसी फैट होती है, जो शरीर के लिए हानिकारक होती है। यह फैट हृदय से संबंधी बीमारियों का कारण बन सकती है। एनालोग पनीर में पाई जाने वाली ट्रांस फैट को लगातार प्रयोग करने से इंसुलिन प्रतिरोध के साथ हृदय रोग व पाचन से संबंधी बीमारियां हो सकती हैं।










