LPG From Russia : LPG की नहीं होगी किल्लत, इस देश ने बढ़ाया सहयोग का हाथ
अर्जेंटिना के बाद रूस से LNG और LPG मिलेगी भारत को
LPG From Russia : करीब एक महीने से चल रहे ईरान युद्ध का असर विश्व भर में सबसे अधिक ऊर्जा जरूरतों पर पड़ रहा है। क्योंकि होर्मुज जलडमरु से निकलने वाले जहाजों को ईरान ने सीमित कर दिया है। इसके अलावा खाड़ी के अन्य देशों में भी युद्ध के कारण क्रूड ऑयल उत्पान और इसके निर्यात पर असर पड़ा है। भारत में पिछले कई दिनों से पेट्रोल-डीजल के अलावा एलपीजी की आपूर्ति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में भारत को बड़ी राहत मिली है।
भारत के परंपरागत मित्र देश रूप से इस बार मदद का हाथ बढ़ाया है। हालांकि भारत भी अपनी जरूरत के अनुसार पेट्रोल-डीजल के साथ ही LNG और LPG के लिए अन्य वैकल्पिक तलाश रहा है। इससे पहले अर्जेंटिना ने मदद का हाथ बढ़ाया था और अब रूस की तरफ से यह पहल की जा रही है। रूसी मीडिया ने सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी है।
चूंकि अब ईरान युद्ध लंबा खिंचता जा रहा है। पहले सभी अमेरिका सहित सभी को लग रहा था कि इस युद्ध का फैसला जल्दी हो जाएगा, लेकिन करीब 1 महीने बीतने को है। अभी भी यह साफ नहीं है कि युद्ध कितना लंबा चलेगा। इसी असमंजस की तरह ऊर्जा की जरूरतों को लेकर भी असमंजस बना हुआ है। क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट को एनर्जी कॉरिडोर माना जाता है और वह बाधित है। इसके कारण पेट्रोल और गैस की आपूर्ति पर काफी बुरा असर पड़ रहा है।
दूर हो जाएगा भारत का गैस संकट
भारत अभी भी रूप से तेल की खरीद कर रहा है। इसको और अधिक बढ़ाया जा सकता है। रूसी समाचार एजेंसी ने बताया है कि रूस भारत को आपूर्ति बढ़ाने को तैयार है। हालांकि इससे पहले भारत ने अपनी जरूरत पूरी करने के लिए लैटिन अमेरिकी देश अर्जेंटिना बात की है। इसके बाद रूस से भी काफी सकारात्मक रूख आया है। यह डील होने पर भारत में होने वाली आपूर्ति का होर्मुज जलडमरूमध्य के बाधित होने से कोई असर नहीं पड़ेगा।
शहरी क्षेत्रों में बड़ा असर
ऊर्जा संकट का सबसे अधिक अधिक शहरी क्षेत्रों में पड़ रहा है। पिछले 2-3 दिन में कुछ जगहों से तो पेट्रोल पंपों पर भी स्टाक समाप्त होने के समाचार आए हैं। हालांकि अधिकतर जगहों पर ऐसी स्थिति नहीं है। इसके बावजूद वैश्विक स्थिति के अनुसार ऊर्जा संकट से नकारा नहीं जा सकता।
भू-राजनीतिक तनाव के बीच बड़ा फैसला
फिलहाल विश्व भर में भू-राजनीतिक तनाव चल रहा है। आशंका जताई जा रही है कि यह तनाव अभी कम होने की बजाय बढ़ सकता है। वहीं पश्चिम एशिया में जो अनिश्चितता बनी हुई है, इससे ऊर्जा जरूरतों की आपूर्ति विश्व भर को बेचैन कर रही है। ऐसे में भारत सहित विश्व के कई देशों द्वारा अपनी जरूरतों के अनुसार वैकल्पिक स्रोतों की तलाश की जा रही है। ऐसे में भारत-रूस के बीच यह समझौता काफी महत्वपूर्ण होगा। क्योंकि रूस से आने वाले कच्चे तेल की आपूर्ति में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसे में आने वाला समय भी इस दिशा में बेहद खास होगा।
अर्जेंटीना से बढ़ रही आपूर्ति
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संकट के बीच अर्जेंटीना से भारत को LPG की आपूर्ति बढ़ रही है। आंकड़ों की बात की जाए तो 2026 की पहली तिमाही अर्जेंटीना से भारत को 50 हजार टन LPG मिली है। वहीं पिछले साल यानी 2025 में यह आपूर्ति महज 22 हजार टन थी। अब आपूर्ति दोगुनी से भी अधिक हो गई है। अर्जेंटीना से भारत को गैस की आपूर्ति पिछले 2 साल में ही शुरू हुई है। यह आपूर्ति बेशक बहुत अधिक नहीं है, लेकिन वर्तमान संकट के दौरान बहुत बड़ा आंकड़ा है। क्योंकि LPG की कमी का असर उद्योगों के साथ-साथ अब घरेलू प्रयोग पर भी पड़ रहा है। देश के कई शहरों में रसोई गैस सिलेंडर के लिए लोग सड़कों पर उतर रहे हैं।










