Malihabadi Dussehri : उत्पादन में गिरावट से बहुत खास हो गया यह आम, सीजन में लें असली मलीहाबादी दशहरी स्वाद का लुत्फ

आम उत्पादक किसानों की बढ़ रही चिंता, बाजार में आ रहे असली मलीहाबादी आम की कैसे करें पहचान

Malihabadi Dussehri : यदि आपसे पूछा जाए कि फलों का राजा क्या है तो बिना किसी झिझक के उत्तर आएगा आम। लेकिन क्या आपको पता है आम की 1000 से भी अधिक वैरायटी में भी आम पर राज करने वाली वैरायटी कौनसी है। अब शायद उत्तर इतना सीधा नहीं रहेगा। क्योंकि मार्केट में आ रहे अगल-अलग वैरायटी के आम अपनी विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध हैं। लेकिन फिर भी मलीहाबादी दशहरी आम को यह खिताब मिलता है।

आम की यह वैरायटी बहुत ही खास होती है, जो लखनऊ के आसपास के क्षेत्रों में पैदा होती है। दशहरी आम की दीवानगी लोगों में इतनी हाेती है कि आम का सीजन शुरू होते ही इस खास दशहरी के आने का इंतजार करने लगते हैं। लेकिन आम के राजा इस दशहरी पर अब संकट है। क्योंकि मौसम में आ रहे बदलाव के कारण इसके उत्पादन पर असर पड़ रहा है। परिणाम स्वरूप यह आम लोगों को महंगा मिल रहा है।

कीमतों पर पड़ रहा उत्पादन का असर

आम उत्पादक किसान त्रिभुवन सिंह का कहना है कि इस बार मौसम आम के उत्पादन के अनुकूल नहीं रहा है। इसका मुख्य कारण लू, बेमौसमी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि रहे हैं। इसके कारण उत्पादन काफी कम हो रहा है। त्रिभुवन सिंह के अनुसार एक एकड़ में करीब 500 कैरेट आम उत्पादन का अनुमान होता है।

वहीं इस बार करीब 400 कैरेट ही उत्पादन हुआ है। इसका कारण सीधे तौर पर खुदरा बाजार में देखा जा सकता है। दिल्ली में आम का कारोबार करने वाले बृजेश राणा के अनुसार सामान्यतौर पर खुदरा बाजार में पीक सीजन में मलीहाबादी दशहरी 50 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक मिलता था, लेकिन इस बार कीमत 80 से 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं।

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कैसे करें असली मलीहाबादी आम की पहचान

चूंकि मलीहाबादी आम का उत्पादन कम है, ऐसे में बाजार में कई प्रकार के मिलते जुलते आम को भी छंटाई कर मलीहाबादी दशहरी की श्रेणी में रख कर बेचा जा रहा है। ऐसे में आपको असली मलीहाबादी दशहरी की पहचान बताते हैं। आम उत्पादक किसान त्रिभुवन के अनुसार इस दशहरी आम को पहचानना बहुत ही आसान है। सबसे आसान है इसकी खुशबू। इस आम की सबसे खास पहचान इसकी महक होती है। डंठल के पास से जब इसको सूंघा जाता है बहुत ही मीठी और मनमोहक खुशबू आती है।

आकार और बनावट से करें पहचान

त्रिभुवन सिंह के अनुसार दशहरी आम थोड़ा लंबे आकार का होता है। जबकि अन्य आम कुछ गोल या अंडाकार होते हैं। बीच से मोटा और नीचे की ओर से नुकिला होता है। यानी गोल आम दशहरी नहीं होगा। दूसरा इस आम का छिलका बहुत पतला होता है और बहुत ही मुलायम भी। मलीहाबादी आम का रंग थोड़ा फीका मिलेगा। यदि असामान्य चमक है तो आम मलीहाबादी होकर भी शुद्ध नहीं होगा।

खा कर देखें यह निशानी

दशहरी आम का गूदा बहुत ही अधिक, मीठा और रसीला होता है। साथ ही इसकी गुठली बहुत ही पतली निकलती है। ऐसे में यदि गुठली आम के आकार की तुलना में मोटी है तो यह मलीहाबादी दशहरी नहीं है। इसमें गूदा रेशे वाला नहीं, बल्कि मक्खन की तरह होगा। फिलहाल मलीहाबादी दशहरी की आवक शुरू हो चुकी है। ऐसे में यदि आप भी इस आम का स्वाद लेना चाहते हैं तो सही पहचान के साथ खरीद कर इसका लुत्फ उठाएं

भारत में आम का गढ़ है मलीहाबाद

दरअसल उत्तर प्रदेश में लखनऊ के पास मलीहाबाद, माल और काकोरी क्षेत्र अपने बेहतरीन आम के लिए जाने जाते हैं। इस क्षेत्र में करीब 12 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में आम के बाग हैं। हालांकि देश के अन्य क्षेत्रों में भी एक से बढ़ कर एक वैरायटी पैदा की जाती हैं, लेकिन इस क्षेत्र के आम की अपनी विशेषता है। देश के कुल आम उत्पादन में उत्तर प्रदेश करीब 34 प्रतिशत हिस्सा रखता है।

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